नैनीताल। देवभूमि की खूबसूरत वादियों में बसा नैनीताल आज रंगों की बहार से सराबोर है। इस दौरान यहां के स्थानीय निवासियों के साथ-साथ देशभर से आए पर्यटक भी होली के रंगों में रंगे नजर आए। जहां एक ओर लोग हंसी-ठिठोली में डूबे नजर आए, वहीं दूसरी ओर नैनीताल की शांत प्राकृतिक सुंदरता ने इस उत्सव को और भी यादगार बना दिया। सुबह-सुबह लोग नयना देवी मंदिर पहुंचे, जहां होली की शुरुआत पारंपरिक ढंग से हुई। मंदिर परिसर में भक्तों और पर्यटकों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाया, अबीर छिड़का और होली की बधाइयां दीं। "राधे-राधे", "होली है" के नारों के बीच पूरा माहौल भक्ति और उल्लास से भर गया। इसके बाद माहौल माल रोड की ओर बढ़ा, जहां नैनीताल की प्रसिद्ध माल रोड होली के रंगों से रंग-बिरंगी हो उठी। स्थानीय लोग और पर्यटक कंधे से कंधा मिलाकर रंग खेलते दिखे। पानी के गुब्बारे, पिचकारियां और ढोल-नगाड़ों की थाप के बीच हर कोई मस्ती में डूबा हुआ था। नैनीताल झील के किनारे भी छोटे-छोटे समूह होली का आनंद लेते नजर आए। पर्यटकों का कहना है कि नैनीताल में होली का मजा ही अलग है। एक पर्यटक ने बताया कि दिल्ली-मुंबई की भीड़भाड़ वाली होली से अलग यहां सब कुछ सादगी से भरा है। प्रकृति के बीच, शांत वादियों में रंग खेलना वाकई अनोखा अनुभव है। बता दें कि नैनीताल की खासियत यही है कि यहां होली बड़े शहरी उत्सवों की तरह शोर-शराबे वाली नहीं, बल्कि सौम्य और प्राकृतिक सौंदर्य से ओतप्रोत होती है। सरोवर नगरी ने इस बार भी सबको रंगों की मिठास और प्यार का संदेश दिया।
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