आईएमए पीओपी की तैयारियां तेज, देहरादून में जानें नया ट्रैफिक रूट प्लान

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देहरादून। भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) में आयोजित होने वाली प्रतिष्ठित पासिंग आउट परेड की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। देशभर से आने वाले सैन्य अधिकारियों, अतिथियों और परिजनों की मौजूदगी को देखते हुए देहरादून पुलिस ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष प्लान तैयार किया है। इसी क्रम में 6 जून से 11 जून तक शहर के कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है। आईएमए की पासिंग आउट परेड भारतीय सेना के सबसे महत्वपूर्ण आयोजनों में से एक मानी जाती है। कार्यक्रम की संवेदनशीलता और सुरक्षा आवश्यकताओं को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने परेड के दौरान आईएमए क्षेत्र को पूर्ण रूप से जीरो जोन घोषित करने का निर्णय लिया है। पुलिस के अनुसार 6 जून और 9 जून को प्रातः 5 बजे से सुबह 10 बजे तक तथा 11 जून को प्रातः 5 बजे से सुबह 11ः30 बजे तक विशेष ट्रैफिक डायवर्जन लागू रहेगा। इस दौरान आईएमए की ओर किसी भी प्रकार का सामान्य यातायात संचालित नहीं किया जाएगा। परेड के दौरान बल्लूपुर से प्रेमनगर की ओर जाने वाले वाहनों को रांघड़वाला तिराहे से डायवर्ट किया जाएगा। यह यातायात मिठी बेरी मार्ग से होते हुए प्रेमनगर की ओर भेजा जाएगा। प्रेमनगर से देहरादून शहर की ओर आने वाले यातायात को प्रेमनगर चौक से दरू चौक और मिठी बेरी मार्ग होते हुए शिमला बाईपास रोड तथा निरंजनपुर मंडी के रास्ते शहर की ओर भेजा जाएगा। पुलिस ने बताया कि यदि किसी विशेष परिस्थिति में आवश्यकता पड़ी तो प्रेमनगर से आने वाले वाहनों को एमटी सेक्शन गेट के माध्यम से आईएमए परिसर के अंदर से रांघड़वाला की ओर निकाला जा सकता है। हालांकि यह व्यवस्था केवल आपात परिस्थितियों में ही लागू की जाएगी। सेलाकुई और भाऊवाला क्षेत्र से आने वाले सभी भारी वाहनों को धूलकोट तिराहे से डायवर्ट कर सिंघनीवाला और नया गांव मार्ग के जरिए शहर की ओर भेजा जाएगा। इसी प्रकार देहरादून से विकासनगर की ओर जाने वाले भारी वाहनों को शिमला बाईपास मार्ग से होते हुए धर्मावाला और विकासनगर की ओर भेजा जाएगा। आईएमए पासिंग आउट परेड को देखते हुए पुलिस, यातायात पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। आयोजन स्थल और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। सीसीटीवी निगरानी, बैरिकेडिंग और चेकिंग अभियान भी चलाए जाएंगे ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके।