Feb 22, 2026

विकसित उत्तराखंड की आधारशिला युवा शक्ति, देहरादून में सीएम ने मेधावियों को किया सम्मानित

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देहरादून। मुख्य सेवक सदन में रविवार को शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित सम्मान, पुरस्कार एवं छात्रवृत्ति वितरण समारोह में प्रदेश की युवा प्रतिभाओं का उत्साह चरम पर दिखा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम में संस्कृत छात्र प्रतिभा सम्मान के तहत मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। साथ ही बालिकाओं को ‘गार्गी संस्कृत बालिका छात्रवृत्ति’ तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को ‘डॉ. भीमराव अम्बेडकर छात्रवृत्ति’ प्रदान की गई।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा शक्ति ही विकसित उत्तराखंड की असली आधारशिला है। सरकार का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को शिक्षित करना नहीं, बल्कि उन्हें स्वावलंबी और वैश्विक चुनौतियों के लिए तैयार करना है। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उसमें संस्कार, संस्कृति और चरित्र निर्माण का समावेश भी जरूरी है। देवभूमि के बच्चे अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए आधुनिक विज्ञान और तकनीक में भी अग्रणी भूमिका निभाएं, यही राज्य सरकार का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मेधावी छात्रों के लिए छात्रवृत्ति की राशि में निरंतर वृद्धि की जा रही है ताकि आर्थिक अभाव किसी भी प्रतिभा के मार्ग में बाधा न बने। मुख्यमंत्री मेधावी छात्रवृत्ति योजना के तहत सहायता राशि सीधे विद्यार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजी जा रही है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी वर्ष 2047 के विकसित भारत के निर्माता होंगे, जिसका सपना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देखा है। मुख्यमंत्री ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में छात्राओं की बढ़ती भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि हर जिले में बेटियों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उन्हें विशेष कोचिंग और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने नकल विरोधी कानून का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड में परीक्षाओं में धांधली के लिए कोई स्थान नहीं है और मेधावी विद्यार्थियों को उनकी मेहनत का पूरा फल मिलेगा।

नई शिक्षा नीति के अनुरूप राज्य में कौशल आधारित शिक्षा पर विशेष जोर दिया जा रहा है। विद्यालयों को डिग्री देने वाले संस्थानों के बजाय कौशल केंद्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है, ताकि युवा रोजगार मांगने वाले नहीं बल्कि रोजगार देने वाले बनें। दुर्गम क्षेत्रों के विद्यालयों में वर्चुअल क्लास और स्मार्ट लैब स्थापित की जा रही हैं। डिजिटल गैप को समाप्त करने के लिए छात्रों को मुफ्त टैबलेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने विभाग की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन में अग्रणी राज्यों में शामिल है। दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यालयों को स्मार्ट क्लास से जोड़ा जा रहा है, जिससे गांव का छात्र भी शहर जैसी शिक्षा प्राप्त कर सके। मेधावी विद्यार्थियों को भारत भ्रमण पर भेजने की पहल भी की गई है, ताकि वे देश की विविधता और विकास को निकट से देख सकें। समारोह में विभिन्न जिलों से आए छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए। बड़ी संख्या में शिक्षक, अभिभावक और शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर छात्रों द्वारा तैयार विज्ञान मॉडलों की सराहना की और कहा कि प्रदेश के अंतिम गांव तक शिक्षा की रोशनी पहुंचाना ही सरकार का संकल्प है।