Apr 15, 2026

9 अप्रैल से लापता था यश ओझा, ज्वालापुर के रेगुलेटर पुल के पास मिला शव, परिजनों में मचा हाहाकार।

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हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार से एक बेहद दुखद और सनसनीखेज मामला सामने आया है। उत्तर प्रदेश के कौशांबी से अपनी आंखों में बेहतर भविष्य और नौकरी के सपने लेकर आए 25 वर्षीय यश ओझा का शव रहस्यमयी परिस्थितियों में गंगनहर से बरामद हुआ है। युवक पिछले कई दिनों से लापता था और परिजन उसकी तलाश में दर-दर भटक रहे थे। शव मिलने की सूचना के बाद से ही परिवार में मातम पसरा हुआ है और पुलिस मामले की गुत्थी सुलझाने में जुटी है।

जानकारी के अनुसार, कौशांबी (उत्तर प्रदेश) निवासी यश ओझा हरिद्वार की एक निजी कंपनी में नौकरी के लिए इंटरव्यू देने आया था। उसने अपने घर पर भी इस बात की जानकारी दी थी कि वह इंटरव्यू के लिए जा रहा है। यश को आखिरी बार नगर कोतवाली क्षेत्र के एक होटल में देखा गया था, लेकिन 9 अप्रैल के बाद से उसका अपने परिजनों से संपर्क पूरी तरह टूट गया। जब काफी समय तक यश का फोन नहीं लगा और उससे कोई बात नहीं हो पाई, तो परिजन अनहोनी की आशंका में हरिद्वार पहुँचे और उसकी तलाश शुरू की। ज्वालापुर कोतवाली पुलिस को सूचना मिली कि रेगुलेटर पुल के पास गंगनहर में एक युवक का शव उतरा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुँची और गोताखोरों की मदद से शव को बाहर निकाला गया। शुरुआत में शव की शिनाख्त नहीं हो पाई थी, जिसके बाद हुलिए के आधार पर पुलिस ने लापता चल रहे यश के परिजनों से संपर्क किया। हरिद्वार पहुँचे परिजनों ने भरे मन से शव की पहचान यश ओझा के रूप में की। यश की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अभी इस निष्कर्ष पर नहीं पहुँची है कि यह महज एक हादसा था या यश ने खुदकुशी की है। पुलिस इस पहलू पर भी जांच कर रही है कि कहीं यश गंगा में नहाते समय पैर फिसलने के कारण हादसे का शिकार तो नहीं हुआ? हालांकि, इंटरव्यू देने आए एक युवक की इस तरह मौत होना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी चंद्रभान सिंह ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने कहा, गंगनहर में यूपी के युवक का शव मिला है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और होटल के सीसीटीवी फुटेज व कॉल डिटेल्स खंगाली जा रही हैं। परिजनों से भी विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है और जल्द ही मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा किया जाएगा। फिलहाल, 25 साल के यश की मौत ने एक हंसते-खेलते परिवार को कभी न भूलने वाला जख्म दे दिया है। जिस घर से वह नौकरी की उम्मीद लेकर निकला था, वहां अब केवल सन्नाटा और चीख-पुकार बची है।