Mar 20, 2026

कुमाऊं मंडल विकास निगम ने संभाली आदि कैलाश यात्रा की कमान, ऑनलाइन बुकिंग के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं

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देहरादून। भगवान शिव के भक्तों के लिए बड़ी खुशखबरी है। उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध आदि कैलाश यात्रा के लिए इस वर्ष बुकिंग प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। यह पवित्र यात्रा आगामी 8 मई से प्रारंभ होगी, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। अनुमान है कि इस बार यात्रियों की संख्या पिछले वर्षों की तुलना में अधिक रह सकती है। पिथौरागढ़ जिले के धारचूला क्षेत्र में स्थित आदि कैलाश यात्रा पहले चरण में 8 मई से 15 जून तक संचालित की जाएगी। इस अवधि के दौरान कुल 15 बैचों में श्रद्धालुओं को यात्रा पर भेजा जाएगा। यात्रा संचालन की जिम्मेदारी कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) के पास है, जिसने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।

केएमवीएन के महाप्रबंधक विजय नाथ शुक्ला के अनुसार, यात्रा का पहला जत्था 8 मई को हल्द्वानी स्थित पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस से रवाना होगा। यह दल अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ होते हुए आदि कैलाश पहुंचेगा। इसके अलावा प्रशासन टनकपुर और धारचूला मार्ग से भी यात्रियों को ले जाने की योजना बना रहा है, जिससे यात्रा को और सुगम बनाया जा सके। बुकिंग शुरू होते ही श्रद्धालुओं की ओर से अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। बढ़ती मांग को देखते हुए केएमवीएन भी व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने में जुट गया है। श्रद्धालु निगम की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। उत्तराखंड में ‘छोटा कैलाश’ के नाम से प्रसिद्ध आदि कैलाश और ओम पर्वत की यात्रा धार्मिक आस्था के साथ-साथ आध्यात्मिक अनुभव भी प्रदान करती है। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को कुमाऊं क्षेत्र के कई प्रमुख धार्मिक स्थलों—कैंची धाम, जागेश्वर धाम, चितई गोलू देवता मंदिर और पाताल भुवनेश्वर के दर्शन का अवसर भी मिलेगा। प्रशासन को उम्मीद है कि इस वर्ष देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यात्रा में भाग लेंगे, जिससे राज्य में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।