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हिमांशु भाऊ गिरफ्तार: बाल सुधार गृह से फरारी से लेकर गैंगस्टर नेटवर्क तक का सफर

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नई दिल्ली। उत्तर भारत में आतंक का पर्याय बन चुके हरियाणा के मोस्ट वॉन्टेड गैंगस्टर हिमांशु भाऊ को अमेरिका में गिरफ्तार कर लिया गया है। संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) ने अंतरराष्ट्रीय इनपुट और इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर हिमांशु को हिरासत में लिया। रोहतक के रिटौली गांव का रहने वाला हिमांशु विदेश में बैठकर भारत के बड़े कारोबारियों, सट्टेबाजों और हस्तियों से रंगदारी वसूलने का संगठित सिंडिकेट चला रहा था। चर्चित यूट्यूबर और 'बिग बॉस' विजेता एल्विश यादव के गुरुग्राम स्थित आवास पर ताबड़तोड़ फायरिंग कराने के मामले में भी वह मुख्य साजिशकर्ता था। हिमांशु की गिरफ्तारी को भारतीय सुरक्षा एजेंसियों और हरियाणा-दिल्ली पुलिस के लिए एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय कामयाबी माना जा रहा है। अब उसे भारत प्रत्यर्पित (डिपोर्ट) कराने की कानूनी प्रक्रिया तेज कर दी गई है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, अपराध की दुनिया में हिमांशु भाऊ को तिहाड़ जेल में बंद गैंगस्टर नीरज बवाना गिरोह का बेहद करीबी माना जाता है। वहीं, लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ सिंडिकेट के साथ उसकी खूनी रंजिश जगजाहिर रही है। हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर में अपना दबदबा कायम करने के लिए हिमांशु का गिरोह आए दिन बिश्नोई गैंग के करीबियों और स्थानीय कारोबारियों को निशाना बनाता रहा है। उसके इशारे पर शूटर रंगदारी न देने वालों के घरों व दफ्तरों पर दिनदहाड़े गोलियां बरसाकर सनसनी फैला देते थे।

17 साल की उम्र में अपराध की राह, बाल सुधार गृह तोड़कर हुआ था फरार
हिमांशु भाऊ का अपराध से नाता बेहद कम उम्र में ही जुड़ गया था। महज 17 वर्ष की आयु में उसने पहली वारदात को अंजाम दिया। वर्ष 2020 में उसने हिसार के बाल सुधार गृह से 20 अन्य बाल बंदियों के साथ भागने की दुस्साहसिक योजना को अंजाम दिया था। जेल की दीवार लांघने के बाद उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा और तेजी से अपने नेटवर्क का विस्तार किया। वर्ष 2022 में वह तब पहली बार राष्ट्रीय सुर्खियों में आया, जब उसके गुर्गों ने हरियाणा में 24 घंटे के भीतर तीन सनसनीखेज हत्याओं को अंजाम देकर पुलिस तंत्र को खुली चुनौती दी थी। वर्तमान में दिल्ली, हरियाणा और यूपी में उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी, अपहरण, लूट और आर्म्स एक्ट के 30 से अधिक संगीन मुकदमे दर्ज हैं।

बर्गर किंग हत्याकांड और एल्विश यादव के घर फायरिंग से बढ़ा दबाव
जून 2024 में पश्चिमी दिल्ली के राजौरी गार्डन स्थित 'बर्गर किंग' आउटलेट में दिनदहाड़े हुई अमन जूण की नृशंस हत्या ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। इस हत्याकांड की जिम्मेदारी हिमांशु भाऊ ने सोशल मीडिया पर ली थी, जिसने दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को अलर्ट मोड पर ला खड़ा किया। इसके बाद अगस्त 2025 में गुरुग्राम में एल्विश यादव के घर के बाहर रंगदारी और दहशत फैलाने के इरादे से फायरिंग कराई गई। इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिकंजा कसा और इंटरपोल के जरिए उसके खिलाफ लुकआउट व रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराया गया।

फर्जी पासपोर्ट से भागा था विदेश, इंटरनेट कॉलिंग से चलाता था सिंडिकेट
भारतीय एजेंसियों की जांच में खुलासा हुआ था कि हिमांशु जाली दस्तावेजों के सहारे बने फर्जी पासपोर्ट से देश छोड़कर फरार हुआ था। वह पुर्तगाल, दुबई और अमेरिका के अलग-अलग ठिकानों पर छिपकर रह रहा था। वह इंटरनेट कॉलिंग और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के जरिए भारत में मौजूद डॉक्टरों, शराब कारोबारियों और बिल्डरों को धमकी देकर करोड़ों की रंगदारी मांगता था। हाल के महीनों में दिल्ली और हरियाणा पुलिस की संयुक्त टीमों ने मुठभेड़ के बाद उसके कई शार्प शूटरों को सलाखों के पीछे पहुंचाया, जिससे उसका घरेलू नेटवर्क कमजोर पड़ा। अब अमेरिका में मुख्य सरगना की गिरफ्तारी के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और जांच एजेंसियां अमेरिकी अधिकारियों के संपर्क में हैं ताकि जरूरी कागजी औपचारिकताएं पूरी कर उसे जल्द से जल्द भारत लाकर अदालत के कटघरे में खड़ा किया जा सके।