उत्तराखंड के बागेश्वर जिला में रविवार को भूकंप के लगातार झटकों से लोगों में दहशत का माहौल बन गया। एक घंटे के भीतर तीन बार धरती डोलने से लोग घबराकर घरों और दुकानों से बाहर निकल आए और सुरक्षित स्थानों की ओर भागे।
जानकारी के अनुसार, भूकंप का सिलसिला सुबह करीब 10:30 बजे शुरू हुआ और 11:31 बजे तक जारी रहा। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के आंकड़ों के मुताबिक, पहला झटका सुबह 10:32 बजे आया, जिसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.1 मापी गई। इसके बाद 10:46 बजे 2.6 तीव्रता का दूसरा झटका महसूस किया गया। तीसरा और अंतिम झटका सुबह 11:31 बजे दर्ज किया गया, जिसकी तीव्रता 2.8 रही। भूकंप का केंद्र कपकोट तहसील के बदियाकोट, सोराग और बाछम क्षेत्रों के आसपास बताया गया है। इन दूरस्थ इलाकों में झटकों का असर अधिक महसूस किया गया, जबकि जिले की अन्य तहसीलों में भी हल्के कंपन दर्ज किए गए। लगातार झटकों के कारण लोगों में भय का माहौल बन गया। कई स्थानों पर लोग अपने घरों से बाहर निकलकर खुले स्थानों में खड़े नजर आए। हालांकि, राहत की बात यह रही कि अब तक किसी भी क्षेत्र से जनहानि या बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है। जिला आपदा प्रबंधन विभाग ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी के अनुसार, सभी तहसीलों से रिपोर्ट मंगाई गई है और राजस्व विभाग की टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में भेजा गया है, ताकि किसी भी संभावित नुकसान का आकलन किया जा सके। विशेषज्ञों के अनुसार, कम तीव्रता के भूकंप आमतौर पर बड़े नुकसान का कारण नहीं बनते, लेकिन पहाड़ी क्षेत्रों में इनका असर अधिक महसूस किया जाता है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। भूकंप के इन झटकों ने एक बार फिर हिमालयी क्षेत्र की संवेदनशीलता को उजागर कर दिया है। प्रशासन ने आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा है, ताकि किसी भी स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।