गैरसैंण। देवभूमि उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण (भराड़ीसैंण) एक बार फिर राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बन गई है। दो दिवसीय महत्वपूर्ण विधानसभा सत्र में भाग लेने के लिए धामी सरकार दलबल के साथ गैरसैंण पहुंच चुकी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण सहित मंत्रिमंडल के कई मंत्री और विधायक सड़क मार्ग से भराड़ीसैंण पहुँचे। सत्र के पहले दिन से ही यहां की फिजाओं में राजनीतिक गर्माहट साफ महसूस की जा रही है। विधानसभा सत्र के मद्देनजर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने व्यस्त कार्यक्रम के तहत रुद्रप्रयाग जिले के गुलाब राय तक हेलिकॉप्टर से यात्रा की और वहाँ से सड़क मार्ग द्वारा भराड़ीसैंण विधानसभा परिसर पहुंचे। रास्ते भर विभिन्न पड़ावों पर स्थानीय पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का जोरदार स्वागत किया। देहरादून से गैरसैंण आ रहे मंत्रियों, अधिकारियों और विधायकों के वाहनों के काफिले के कारण पूरे नेशनल हाईवे पर विशेष चहल-पहल देखने को मिली। हुटर बजाती गाड़ियों की कतारें और प्रशासनिक अमले की आवाजाही से साफ जाहिर हो रहा था कि सरकार सत्र के लिए पूरी तरह मुस्तैद होकर मैदान में उतर चुकी है। सत्र के सुचारू संचालन और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विधानसभा परिसर के चारों ओर सुरक्षा के अत्यंत पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी तैनात हैं। सोमवार शाम को विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने भराड़ीसैंण पहुंचकर स्वयं विधानसभा परिसर का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने सदन के भीतर और बाहर की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया तथा मौके पर मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने कहा कि सरकार का यह वर्तमान कार्यकाल का आखिरी विधानसभा सत्र है, जो कि बेहद अहम रहने वाला है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस बार भी भराड़ीसैंण में सत्र का माहौल सकारात्मक और सुचारू रहेगा। विधानसभा अध्यक्ष ने सभी जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे सदन की गरिमा को बनाए रखते हुए जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के सभी सदस्य अपनी-अपनी बातें खुलकर रखेंगे, जिनका सरकार की ओर से पूरी प्रामाणिकता के साथ संतोषजनक जवाब दिया जाएगा। ग्रीष्मकालीन राजधानी में हो रहे इस सत्र को लेकर पर्वतीय क्षेत्रों के विकास, स्थानीय मुद्दों और भावी नीतियों पर सभी की निगाहें टिकी हैं। दो दिनों तक चलने वाले इस सत्र में प्रदेश के ज्वलंत विषयों पर गर्मागर्म बहस होने के पूरे आसार हैं। सरकार और विपक्ष दोनों ही इस मंच के जरिए जनता के बीच अपनी पैठ मजबूत करने की रणनीति में जुटे हैं।

