Apr 23, 2026

जय बदरी विशाल के जयकारों से गूंजा धाम, पांडुकेश्वर से पहुंची भगवान उद्धव, कुबेर और शंकराचार्य की पवित्र गद्दी

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विश्व प्रसिद्ध आठवें वैकुंठ भगवान बदरीनाथ धाम के कपाट कल, 23 अप्रैल को पूरे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। ग्रीष्मकाल के लिए भगवान विष्णु के इस पावन धाम के द्वार सुबह 6 बजकर 15 मिनट पर खुलेंगे। इस पावन बेला का साक्षी बनने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बुधवार को बदरीनाथ धाम पहुंच गए हैं। कपाट खुलने के इस ऐतिहासिक अवसर पर बदरीनाथ मंदिर को बदरी-केदार पुष्प सेवा समिति, ऋषिकेश के सहयोग से करीब 25 कुंतल (2500 किलो) देशी-विदेशी फूलों से भव्य रूप से सजाया गया है। धाम की छटा देखते ही बन रही है। बुधवार को भगवान उद्धव जी, कुबेर जी और आदि गुरु शंकराचार्य की पवित्र गद्दी के पांडुकेश्वर से बदरीनाथ धाम पहुंचते ही पूरा परिसर 'जय बदरी विशाल' के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा।

केदारनाथ में दर्शन-पूजन के पश्चात सीधे बदरीनाथ पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कपाट खुलने की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बदरीनाथ मास्टर प्लान के तहत चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण भी किया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कमी न रहे। सीएम धामी गुरुवार सुबह कपाट खुलने के दौरान आयोजित विशेष पूजा में भी सम्मिलित होंगे। बीकेटीसी (बदरी-केदार मंदिर समिति) के मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने बताया कि कपाट खुलने की प्रक्रिया गुरुवार तड़के 4:30 बजे से शुरू हो जाएगी। कपाट खुलने के समय मुख्यमंत्री धामी के साथ बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती और कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहेंगे। देव डोलियों के आगमन के दौरान रावल अमरनाथ नंबूदरी, धर्माधिकारी स्वयंबर सेमवाल, वेदपाठी आचार्य रविंद्र भट्ट और नायब रावल सूर्य राग नंबूदरी सहित कुबेर देवरा समिति के पदाधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन और मंदिर समिति ने बढ़ती भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और दर्शन के पुख्ता इंतजाम किए हैं। कल सुबह जैसे ही कपाट खुलेंगे, अखंड ज्योति के दर्शन के साथ ही चारधाम यात्रा का यह महत्वपूर्ण पड़ाव भी पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा।